अबेकस क्या है? अर्थ, हिस्से, प्रकार और इतिहास
अबेकस गिनती का एक फ़्रेम है: छड़ों पर मनके खिसकते हैं, और हर छड़ एक स्थानीय मान दिखाती है। यह गणना के सबसे पुराने औज़ारों में से है और आज भी गणित सिखाने में काम आता है।
अबेकस का अर्थ
यह शब्द लैटिन abacus और ग्रीक abax से आया है, जिसका मतलब है समतल पटिया या तख़्ती। शुरुआती अबेकस रेत से ढकी या खाँचों वाली पटियाँ होती थीं, जिन पर कंकड़ खिसकाए जाते थे। छड़ और मनकों वाला फ़्रेम बाद में आया।
आज इस शब्द का मतलब आम तौर पर छड़ों और खिसकने वाले मनकों वाला आयताकार फ़्रेम होता है। हिन्दी में भी इसे ज़्यादातर अबेकस ही कहते हैं, या गिनती का यंत्र।

अबेकस के हिस्से

| हिस्सा | क्या काम करता है |
|---|---|
| फ़्रेम | छड़ों को थामे रखता है। आम तौर पर लकड़ी या प्लास्टिक का। |
| छड़ें (कॉलम) | हर छड़ एक स्थानीय मान है। जो सबसे दाईं छड़ आप चुनें वह इकाई, उसके बाईं ओर दहाई, और इसी तरह आगे। छात्रों के सोरोबान में 13, 15, 17 या 23 छड़ें होती हैं। |
| बीम (रेकनिंग बार) | वह पट्टी जो हर छड़ को दो हिस्सों में बाँटती है। मनके तभी गिने जाते हैं जब उन्हें इससे सटाया जाए। |
| ऊपर का मनका (हेवन बीड) | बीम के ऊपर वाला अकेला मनका। मान 5। |
| नीचे के मनके (अर्थ बीड) | बीम के नीचे के चार मनके। हर एक का मान 1। |
| यूनिट डॉट | हर तीसरी छड़ पर बीम पर बने बिंदु। इनसे इकाई की छड़ ढूँढने और बड़ी संख्याएँ पढ़ने में मदद मिलती है। |
आप इसे "कैसे काम करता है" पेज के इंटरैक्टिव सोरोबान पर आज़मा सकते हैं।
अबेकस के प्रकार
| प्रकार | हर छड़ पर मनके | कहाँ इस्तेमाल होता है |
|---|---|---|
| सोरोबान (जापान) | ऊपर 1, नीचे 4 | भारत, जापान और दुनिया भर की ज़्यादातर अबेकस क्लास |
| सुआनपान (चीन) | ऊपर 2, नीचे 5 | पारंपरिक चीनी गणना; 16 के आधार पर भी काम करता है |
| श्चोती (रूस) | हर तार पर 10, कोई बीम नहीं | 1990 के दशक तक रूस की दुकानों और स्कूलों में |
| रेकनरेक / गिनती फ़्रेम | हर पंक्ति में 10, अक्सर दो रंगों में | प्री-स्कूल और शुरुआती प्राइमरी में संख्या की समझ के लिए |
| क्रैनमर अबेकस | सोरोबान जैसी बनावट, मनके घर्षण से टिके रहते हैं | दृष्टिबाधित छात्रों के लिए |
अगर क्लास के लिए ख़रीद रहे हैं, तो कम से कम 13 छड़ों वाला सोरोबान लें। ज़्यादा जानकारी अभ्यास पेज की ख़रीद गाइड में है।
छोटा-सा इतिहास
मेसोपोटामिया, मिस्र, ग्रीस और रोम में गिनती की पटियाँ इस्तेमाल होती थीं, जिन पर व्यापारी निशान वाली लाइनों पर कंकड़ खिसकाते थे। लैटिन में इन कंकड़ों को calculi कहते थे, और इसी से अंग्रेज़ी शब्द calculate बना। ग्रीस में मिली संगमरमर की सलामिस पटिया लगभग 300 ईसा पूर्व की है।
चीन का सुआनपान 1300 के दशक तक ख़ूब चलने लगा था। लगभग 1500 के दशक में यह जापान पहुँचा और वहाँ सोरोबान बना। 1930 के दशक में जापान ने ऊपर एक और नीचे चार मनकों वाला डिज़ाइन अपनाया, और आज ज़्यादातर लोग यही डिज़ाइन सीखते हैं।
1946 में टोक्यो की एक सार्वजनिक प्रतियोगिता में जापानी सोरोबान विशेषज्ञ कियोशी मात्सुज़ाकी ने बिजली वाले कैलकुलेटर से काम कर रहे अमेरिकी सेना के एक क्लर्क को पाँच में से चार राउंड में हराया। यह घटना आज भी बताती है कि प्रशिक्षित अबेकस उपयोगकर्ता कितना तेज़ हो सकता है।
भारत में पिछले लगभग बीस सालों में अबेकस क्लास लोकप्रिय हुई हैं, ज़्यादातर प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए स्कूल के बाद के कार्यक्रमों के रूप में।
ज़रूरी शब्द
| शब्द | मतलब |
|---|---|
| अंज़ान (Anzan) | मन में अबेकस की तस्वीर बनाकर गणना करना। इसे मेंटल अबेकस भी कहते हैं। |
| छोटे दोस्त | वे जोड़े जो मिलकर 5 बनाते हैं (1+4, 2+3)। जब किसी छड़ पर नीचे के मनके ख़त्म हो जाएँ तब काम आते हैं। |
| बड़े दोस्त | वे जोड़े जो मिलकर 10 बनाते हैं (1+9, 2+8, 3+7, 4+6, 5+5)। जब छड़ 9 से आगे जाने लगे तब काम आते हैं। |
| फ़्लैश अंज़ान | स्क्रीन पर पल भर के लिए चमकती संख्याओं को जोड़ना। |
| लेवल | क्लास कार्यक्रम का एक चरण, आम तौर पर 3 से 4 महीने का। |
आगे जानिए कि असली सवालों में छोटे दोस्त और बड़े दोस्त कैसे काम करते हैं।